Ibadat ki Takat

इबादत ख़ुदा की करो या इंसान की,
दिल की पुकार ज़रूर पहुँचती है।
आस्था की ताकत कभी कमज़ोर नहीं होती,
जब मन के दरवाजो को खटखटाने की ताक़त होती है।।
– Supriya Shaw…

इबादत ख़ुदा की करो या इंसान की,
दिल की पुकार ज़रूर पहुँचती है।
आस्था की ताकत कभी कमज़ोर नहीं होती,
जब मन के दरवाजो को खटखटाने की ताक़त होती है।।
– Supriya Shaw…

गुरु का दर्जा है सर्वोपरि, उनके जैसा पथप्रदर्शक नहीं,
अज्ञानता के अंधकार से हमें कराते परिचित,
संस्कारों की अहमियत का अभास कराते गुरुजन,
ज्ञान का भंडार देकर जीवन को सुखमय बनाते हैं,
ऐसे सभी गुरुओं को हमारा है नमन।।