Har chhan Ko Hans Kar Jiyo

एक पल में क़िस्सा कभी शुरू नहीं होता,
पर क्षण में क़िस्सा ख़त्म हो जाता है।
सुख-दुख करवट लेकर आती-जाती रहेंगी,
जाने कौन करवट साँसे थम जाएगी।
ज़िंदगी के हर क्षण को हँस कर जियो,
जाने कब कौन सा पल रुला कर चला जाए।।

एक पल में क़िस्सा कभी शुरू नहीं होता,
पर क्षण में क़िस्सा ख़त्म हो जाता है।
सुख-दुख करवट लेकर आती-जाती रहेंगी,
जाने कौन करवट साँसे थम जाएगी।
ज़िंदगी के हर क्षण को हँस कर जियो,
जाने कब कौन सा पल रुला कर चला जाए।।

हवा का रुख़ कभी एक सी नहीं रहती,
कभी इधर तो कभी उधर चली जाती है।
रूप कई बदलकर हमारे आसपास मंडराती है,
पर तुम डरो मत, बस आगे बढ़ते जाओ।
देख हमारी हसरत उसकी गति बदल जाती है,
हमारे इरादो को देख वो राह बदल देती है।।
– Supriya Shaw…

एक सोच पल में बदल दे स्वर कंठो की,
मृदुल सी बोली से जोड़े कई रिश्तों को।
एक सोच आसमाँ छूने की जब ठाने ह्रदय से,
लाख अँधेरों में भी मिल जाएँ जुगनू की किरण भी।
नकारात्मकता को जो साथ लिए, “ना” की जगह बन जायेगा,
सकारात्मकता को जो साथ लिए, “हाँ” से रिश्ता जुड़ जायेगा।।
– Supriya Shaw…

समस्याओ को अपने गले लगा लो,
मुस्कुराकर चुनौतियों को स्वीकार लो,
घबराकर वह कुछ पल में चला जायेगा,
हमारी शख्सियत के सामने ना टिक पायेगा।
अक्सर हम देखते हैं कुछ लोग बहुत ख़ुश दिखाई देते हैं, उनके चेहरे की आभा हमेशा चमकती रहती है। हमें उनको देखकर एहसास होता है कि उनके जीवन में कोई भी परेशानी नहीं है, वह हमेशा इतने शांत, सौम्य, उत्साहित दिखते हैं।
जिससे हमें यही लगता है हमारा जीवन भी ऐसा ही होता हम भी इतने ख़ुश उत्साहित दिखाते।
यह संभव है मगर कैसे? यहीं हमेशा सोचते हुए मायूस हो जाते हैं, और अपने भाग्य को कोसते हैं कि हम क्यों नहीं ख़ुश है और वह कैसे इतना ख़ुश है।
सबसे पहले तो हमें अपने अंदर से यह गलतफहमी निकाल देनी चाहिए कि सारी समस्याएँ भगवान ने हमें ही दी है बाकी लोग तो बहुत ख़ुश हैं।
कभी आप उस ज़िंदादिल इंसान से मिले, बाते कीजिए, पूछे, आपको पता चलेगा समस्या तो उसके पास भी उतनी ही है लेकिन वह उन समस्याओ को समस्या या किस्मत का बोझ नहीं, जीवन का हिस्सा समझकर स्वीकार करता है, उन चुनौतियों को मुस्कुरा कर स्वीकार करता है। और फ़िर हर समस्या हर चुनौती उसके लिए आसान हो जाती है। परेशानियाँ कभी बताकर नहीं आती, यह हर किसी के पास अचानक दस्तक देती है।
अमीर-गरीब या कोई भी हो, सबके जीवन में हजारो चुनौती, समस्याएँ रोज़ आती है। सहजता और विनम्रता से विचार कर उनको स्वीकार करें। ज़िंदगी आसान हो जाएगी।
मैं ऐसे ही कुछ लोगों से मिली हूँ जो चुनौतियों को मुस्कुराकर स्वीकार करते हैं, कभी रोना नहीं रोते। उन्हें देख कर आज मैं बहुत ख़ुश होती हूँ, और भाग्यशाली भी ख़ुद को समझती हूँ। यह सोच कर कि मेरी मुलाकात उनसे हुई। और मैं उनसे कुछ सीख सकी।
उम्मीद है मेरा यह ब्लॉग आप सभी को पसंद आएगा! अगर कोई त्रुटि हो तो जरूर कमेंट में डाले। धन्यवाद!
– Supriya Shaw…

भूल से ही भूल हो जाया करती है
एक अलग दुनिया हम सज़ा लेते हैं।
अपनी खुशियो का दर्ज़ा पहला रखते हैं,
अपनों की उम्मीदो को जब हम भूल जाते हैं।
महलो के आशियाने को हीरे जवाहरातो से सजाते हैं,
तब अपने भी अपनों से दूरी बनाए रखते हैं।
उम्मीद के आँसू इंतज़ार में सूख जाते हैं,
जब महलो के दरवाज़े भी बंद नज़र आते हैं।
अपनों का साथ सपना बनकर रह जाता हैं,
जब उम्मीद की घड़ियाँ इंतज़ार में बदल जाती है।
अपनो से उम्मीद अपने ही करते हैं,
नाउम्मीदी से अपनों को दुःखी हम करते हैं।।
– Supriya Shaw…

आँखें बंद करके
वह पल दोहरा लेती हूँ
ज़िंदगी जीने की
वज़ह ढूंढ लेती हूँ
हर ख़्वाब को
हक़ीक़त बना कर
ज़िंदगी में शामिल कर लेती हूँ
ज़िद समझो शायद
पर कोशिश है मेरी
हर किरदार को निभाने का
हुनर ढूंढ लेती हूँ
जुगनू नहीं मैं
जो कुछ पल की रोशनी दे
दम तोड़ देती है
मैं वो सितारा हूँ
जो अपनी रोशनी से
ख़ुद जगमगाती हूँ।।
By – Supriya Shaw…
कलाम बनूँगा
ख्वाहिशों की उड़ान हो,
गगन को छूने की चाह हो,
लक्ष्य साधक बने हमेशा,
निराशा कभी ना साथ हो,
चमकता सितारा कहलाते,
कर्तव्य से कभी ना हट पाते,
नव युग का निर्माण करें,
नव युवाओं की प्रेरणा बने,
हर धड़कन में ख्वाब यही हो,
हम भी एक कलाम बने।।
– Supriya Shaw…

इबादत ख़ुदा की करो या इंसान की,
दिल की पुकार ज़रूर पहुँचती है।
आस्था की ताकत कभी कमज़ोर नहीं होती,
जब मन के दरवाजो को खटखटाने की ताक़त होती है।।
– Supriya Shaw…

गुरु का दर्जा है सर्वोपरि, उनके जैसा पथप्रदर्शक नहीं,
अज्ञानता के अंधकार से हमें कराते परिचित,
संस्कारों की अहमियत का अभास कराते गुरुजन,
ज्ञान का भंडार देकर जीवन को सुखमय बनाते हैं,
ऐसे सभी गुरुओं को हमारा है नमन।।